EDI का फुल फॉर्म क्या है? (What Is The Full Form Of EDI?)

EDI का Full Form: इलेक्ट्रॉनिक डाटा इंटरचेंज(Electronic Data Interchange) है।

ई.डी.आई क्या है?(What Is EDI?)

ये एक इलेक्ट्रोनिक सुचना प्रदान करता है इसका मतलब जो भी हमारे बिज़नस का डाटा है, जो भी हमारे बिज़नस के documents है उन्हें एक के साथ लेते है और देते है। और इलेक्ट्रॉनिक की सहायता से इसे हम ई.डी.आई (EDI) कहते है। और इसका उपयोग ज्यदातर एक बिज़नस से सम्बंधित लेन देंन के लिए ही उपयोग किया जाता है।

और आगर हम इसे साधारण शब्दों में कहे जो की ई.डी.आई है वह एक कंप्यूटर से दुसरे कंप्यूटर के माध्यम से बिज़नस के documents को बिज़नस के प्रारुप बदला जाता है। किसी भी कंपनी में paper के बाजय इलेक्ट्रॉनिक रूप से किसी दुसरे कंपनी के जानकारी भेजने की अनुमति भी देता है।

इसमें कंपनी के जानकारी को कंप्यूटर की सहायता से लेती है और देती है यह लेन देन बिना किसी पेपर का ही होता है और यह ज्यदातर बड़ी बड़ी कंपनियों में उपयोग किया जाता है। और ई.डी.आई का उपयोग करके कई बिज़नस के documents को आदान प्रदान भी किया जाते है।      

छोटी कंपनी में यह बहुत ही कम उपयोग किया जाता है ज्यदातर business में जो भी दस्तावेज लिए और दिए जाते है वह बीजक ग्राहक दस्ताबेज,भुगतान दस्तावेज और जहाज के बारे में नोटिस को भेजने का काम करता है।

कम से कम ई.डी.आई परम्परिक business से जुड़े हुए मेल की तेयारी और हेंडलिंग की जगह भी लेता है। हलाकि ई.डी.आई की वास्तविक शक्ति यह भी आदेश देता है की बिना paper का ही यह सारा चीज संभव है।   

ई.डी.आई के फायदे क्या है?(What Is The Benefits of EDI?

(a)समय की बचत: इसमें हम कंप्यूटर की मदद से किसी भी डाटा को लेते है और देते है तो डाटा कुछ समय में ही चला जाता है जिसके कारण हमारा बहुत समय बाच भी जाता है।
ई.डी.आई के अनुप्रयोग और विवाद क्या है?(What Is The Application Of EDI?)
ई.डी.आई काम कैसे करता है?(How EDI Works?)
  • स्क्रीन के माध्यम से मवाव डेटा दर्शाता है।
  • स्प्रेडसीट या database के दवारा किसी आधारित डेटा को निर्यात करते है।
  • डाटा फाईलो में electronic के माध्यम से रीफॉर्मेट किया जाता है।
  • AS2 या किसी अन्य सुरछित प्रोटोकॉल की मदद से इसे सीधे कनेक्ट करे।
  • आप आपने पसंदीदा संचार प्रोटोकॉल का उपयोग करके नेटवर्क प्रदाता से कनेक्ट करे और जो भी संचार प्रोटोकॉल आपके साथी पसंद करते है।
  • या इन सब का उपयोग करके आप आपने business भागीदारो से कनेक्ट करने के लिए नेटवर्क प्रदाता पर ही निर्भर है।
  • दोनों के संयोजन विशेष भागीदारो और लेंन देंन की मात्रा के आधार पर ही आप विनिमय की उम्मीद भी आप करते है।

ई.डी.आई के आवश्यक घटक(Necessary EDI components)

  • वेब से सम्बंधित उपकरण जो आपकी लिखित जानकारी को ईडीआई प्रारूप में अनुवाद करता है।
  • ईडीआई मेपिंग आपके एकाउंटिंग सिस्टम को आपके ग्राहक के सिस्टम में ही लिंक करता है।
  • इसमें लेंन देंन नेटवर्क,लेनदेन भेजता है और प्राप्त करता है।
  • इसके साथ समर्थन और रखरखाव सेवाऔ पर भी चल रहा है।

क्या आपके ईडीआई के अनुरूप होने की आवश्यकता है?(What you need to be EDI compliant)

  • संचार के लिए सॉफ्टवेयर।
  • इस सेवा के लिए वेंन सेवाए।
  • ईडीआई के लेंन देंन के लिए मेल बॉक्स।
  • मेपिंग और अनुवाद करने से सम्बंधित software।
  • ज़रूरी software को आवश्यकतानुसार अपग्रेड करना।
  • मानचित्र श्रम से सम्बंधित।
  • इसमें ट्रेंडिंग पार्टनर के साथ परीक्षण करना।
  • व्यापार भागीदारो दवारा जरुरी से सम्बंधित नए संस्करणों को उत्पन्न करना।

(b)पोस्ट करने की बचत: बात करे पुराने समय में यदि हमें कोई भी डेटा देना होता था तो हम लेटर के दवारा ही देना होता था। जिस पर कि बहुत ज्यदा खर्च भी आता था पोस्ट में अब हमें पोस्ट नहीं करना होता है। बल्कि कुछ ही सेकंड में सीधे हम अपना डाटा को सेंड कर सकते है जिस कारण पोस्ट की बचत भी होती है।

(c)सटीकता को बनाया रखना: इसमें गलती करने की बहुत ही कम संभवना होती है यह सामान की लगत को कम करने के साथ ग्राहकों की संतुष्टि को भी बढाता है।

(d)व्यवसाय को बढाने में मदद: आगर हम electronic के माध्यम से किसी भी डाटा को लेते है और देते है जिससे हमारे कंपनी को बहुत ही ज्यदा मदद मिलती है और हमारा बिज़नस भी बढ़ता है।

(e)व्यवसाय की छवि बनाना: यदि हम इलेक्ट्रॉनिक की सहायता से डाटा को लेते है और देते है इससे की हमारी कंपनी की मजबूती बनती है।

(f)नए नए बाजार में पहुचने के अवसर: इसमें जो की कोई भी लोग आसानी से हमारे कंपनी के साथ जुड़ जाते है और इसमें काफी दूर दूर से लोग जुड़ते है इसलिए हम आसानी से दूर दूर के बाजार से अपना बिज़नस को कर सकते है।

(g)सुरक्षा में सुविधा और गलती के कम अवसर: इसमें काफी हद तक सुरक्षा मिलती है और गलत के बहुत ही कम अवसर होते है। 

इसमें कई सारे स्टैण्डर्ड का भी इस्तेमाल होता है फर्स्ट टाइम बिज़नस में ई.डी.आई को सेटअप करने में काफी ज्यदा पैसे खर्च हो सकते है।

शुरुवाती दोर में इसे setup करने में समय भी ज्यदा लगता है और electronic data transfer करने के लिए इसके साथ protection की भी जरुरत पड़ती है।

जैसे की वायरस,हेकिंग,मालवेयर और फ्रॉड से, फर्स्ट टाइम स्टाफ को ट्रेनिंग भी देना पड़ता है जिससे की इसमें अलग से पैसे खर्च होते है।

ये उचित backup पूरा डेटा पर ही निर्भर करता है और इस प्रणाली के किसी भी दुर्घटना के मामले में उचित तरीके से बनाकर रखना भी पड़ता है जो की इसके लिए अतिरिक्त लगत की भी आवश्यकता भी होती है।

लेकिन कुछ ऐसे भी संगठन है इसके साथ business करना बंद कर देते है जो इसका उपयोग नहीं करते है। उदहारण के तोर पर आप वालमार्ट कंपनी केवल उन्ही संगठनो के साथ business करना पसंद करते है जो की इस चीज का उपयोग अक्सर करते है।

इसके दस्तावेज को भेजने के लिए ये तीन चारण है जो की आप निचे देख सकते है है।

चरण1: जो भी भेजे जाने वाले दस्तावेज है उन्हें तेयार कर ले,पहला कदम डाटा को एकत्रित करना और उसे व्यवस्थित करना है जैसे: किसी भी चीज को खरीदने पर प्रिंट करने के वजय आपका सिस्टम एक दस्तावेज बनाने के लिए आवश्यक जानकारी के साथ एक फाइल भी बनता है।

और किसी भी डाटा के श्रोत और electronic दस्तावेज को उत्पन्न करने के लिए ये तरीके शामिल हो सकते है।

चरण2: उचित खंडो और डेटा तत्वों का उपयोग करके अपने अतिरिक्त डेटा के प्रारूप को इस  मानक के रूप में बदलने के लिए अनुवाद सॉफ्टवेर के माध्यम से आपने electronic data को फीड करना होता है।

आगर आप अनुवाद करने वाले software खरीद सकते है तो जिसे आप अपने परिसर में प्रबंधित को बनाये रखते है और यह निर्धारित करने के लिए विशिस्ट मानचित्र विशेषता की भी आवश्यकता होती है।

ताकि यह सही तरीके से निर्धारित किया जा सके की आपके अतिरिक्त डाटा को कैसे सम्पादित किया जाये। इस अनुवाद में software से किसी भी कंप्यूटिंग वातावरण और बजट के बारे में सिर्फ बड़े सिस्टम से ही उपलब्ध है।

जो की पीसी से सम्बंधित software हर दिन हजारो की लेंन देंन को भी संभालना होता है जिन्हें की प्रति सप्ताह में केवल कुछ ही लेने की आवश्यकता भी होती है। 

आगर आप ईडीआई सेवा प्रदाता है अनुवाद की सेवऔ का उपयोग भी कर सकते है। उस स्थिति में आप आपना डाटा प्रदाता,उस स्थिति में आप अपना डाटा प्रदाता को भेजते है जो की आपकी और से इसके प्रारूप से अनुवाद को भी संभलता है।

चरण3: आप अपने ईडीआई के दस्तावेज को आपने बिज़नस के साझेदार से कनेक्ट करे और एक बार जब आपने बिज़नस दस्तावेज को उपयुक्त ई.डी.आई प्रारूप के रूप में अनुवाद किया जाता है।

तो वे आपने बिज़नस के भागीदार को प्रेरित करने के लिए तेयार है जिससे की आपको यह तय करना होगा की आप उस ट्रांसमिशन को करने के लिए आपने प्रतेक साथी से कैसे जुडा जाय इसके तरीके जो की इस प्रकार है। 

इस इलेक्ट्रनिक लेनदेन के आदान प्रदान के लिए पूर्ण रूप से ये केवल चार तत्व ही होते है।

ईडीआई के अनुपालन में निम्नलिखित चीजो को शामिल किया गया है।

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