श्रेया घोषाल की जीवनी | Shreya Ghoshal Biography In Hindi

ये दस्ता है एक ऐसे दस्ता की जिसने बहुत ही कम उम्र में वो रिकार्ड्स बना दिए जो किसी और गायक या गायिकी के लिए कठिन नहीं बल्कि नामुमकिन है और इनकी आवाज में गजब का परिपक्वता है। प्लेबेक सिंगिंग की दुनिया में इनकी आवाज का जोड़ बेजोड़ साबित होता है।

नाम है श्रेया घोषाल जन्म 12 मार्च सन 1984 ये केवल चार वर्ष की थी जब इन्होने संगीत का विधिवत तरीके से प्रशिक्षण लेना शुरु किया था। इनका जन्म एक बंगाली हिन्दू परिवार में हुआ जगह का नाम बरहामपुर,मुर्शिदाबाद जिला राज्य पश्चिम बंगाल।

इनकी परवरिश हुई रावतभाटा में यहाँ राजस्थान के कोटा शहर के एक छोटा सा झलक है। इनके पिता विश्वजीत घोषाल एक इलेक्ट्रिकल इंजिनियर रहे और न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के लिए काम करते रहे और इनकी मा का नाम सरमिन्हा घोषाल। आठवीं कक्षा तक श्रेया घोषाल की पढाई हुई परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय रावतभाटा में ही और 1995 में आल इंडिया लाइट बखान कॉम्पिटीसन में इन्होने जीत लिया।

और इसके बाद इनके पिता जी का ट्रान्सफर हुआ भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में इसकी वजह से पूरा परिवार मुंबई चला गया। और श्रेया ने बाकि की पढाई पूरी की एटोमिक एनर्जी सेन्ट्रल स्कूल अनुसक्ति नागर से,एटोमिक एनर्जी जूनियर कॉलेज में ये पहुची और फिर एस.आई.इ.एस कॉलेज से साइंस ऑफ़ कॉमर्स में इन्होने दाखिला लिया लिया।

और इनकी मा सरमिन्हा घोषाल ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई इनकी आवाज की बनावट और इनकी करियर में अक्सर रियाज में इनकी माँ इनकी मदद करती और धीरे धीरे इनके ख्याति पहुची और एक महान संगीतकार जोड़ी कल्याण जी आनंद जी के भाई के पास।

करीबन 18 महीनो तक ये इनके ग्रुप में सीखते रहे और रियलिटी शो सारे गामा पा से इन्हें सहूलियत हासिल हुई और इनका पहला रिकार्डेड गाना रहा “गणराज रंगी नाचतो” जब ये बहुत ही छोटी थी तब जबरदस्त फिल्म डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की नजर इन पर पड़ी।    

इनकी आवाज से ये इतना मुताशिफ हुए की कहा मेरी फिल्म “देवदास” में पारो के लिए इन्ही की आवाज शूट करती है। बस पारो बनी ऐश्वर्या राय पर इसकी आवाज इस तरह से जाची की सब मंद्मुक्ध हो गया और लग रहा था की श्रेया घोषाल सेमी क्लासिकल और क्लासिकल गानों में ही महारथ रखती है।

पर जब गया “जादू है नशा है” और “चलो तुमको लेकर चले” समझ में आ गया की ये तो हरफन मोला है। श्रेया घोषाल ने ढेर सारे नेशनल अवार्ड्स और दुसरे आवाज भी जीते है। और अमेरिका के ओहियो राज्य में बतोर 26 जून को श्रेया घोषाल डे के रूप में मनाया जाता है।

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श्रेया घोषाल की सहूलियत सर चढ़ के बोली अब फ़ोर्ब्स सेलिब्रिटी के लिस्ट में ये टॉप 100 में आई। जब ये स्कूल में ही थी तब इनकी दोस्ती हुई थी शिलादित्य मुखाध्याय से,वाही शिलादित्य मुखाध्याय को पैशो से इलेक्ट्रिकल इंजिनियर है स्कूल की दोस्ती कब प्यार में तब्दील हुई और कब शादी तक पहुची इसका कोई अंदाजा ही नहीं लगा सका।

इन दोनों ने शादी कर ली यकिनान भारतीय सिनेमा के प्लेबेक सिंगिंग के तोर में श्रेया घोषाल ने वो जगह बनाई जिसे पाने का ख्वाब ढेर सारे गायक और गायिकाए आज भी देखते है। तो दोस्तों उम्मीद करता हु की आपको ये स्टोरी श्रेया घोषाल की जरुर पसंद आई होगी तो अपने दोस्तों से शेयर जरुर करे।

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